Lakshadweep: यदि लक्षद्वीप में एंट्री केवल केरल के इस शहर से होती है तो पर्यटन कैसे बढ़ेगा?

सार

टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि लक्षद्वीप पर जाने के लिए अभी भी कुछ विशेष परमिट की आवश्यकता होती है। इनमें से कुछ परमिट को केरल के कोच्चि में ही मंजूरी मिलती है। वह कहते हैं कि पर्यटन को आसान बनाने के लिए विभिन्न चैनलों और बड़े शहरों में एकल विंडो प्रणाली होनी चाहिए।

विस्तार

इस समय पूरे देश में पर्यटन के दृष्टिकोण से लक्षद्वीप द्वीप समूह की चर्चा हो रही है। लक्षद्वीप, जो 36 छोटे द्वीप समूहों से बना है, अमेरिका के हवाई और मालदीव से अधिक प्रसिद्ध है। लेकिन देश के सबसे सुंदर द्वीप समूह में से एक लक्षद्वीप पहुंचना अभी भी आम लोगों के लिए बहुत कठिन है। क्योंकि लक्षद्वीप तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता केरल का कोच्चि शहर है, जहां से विमानों और जहाजों से जा सकते हैं देश में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कई संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि अब देश की राजधानी दिल्ली से भी लक्षद्वीप को सीधे तौर पर मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से भी जोड़ा जाए।लक्षद्वीप पहुंचने के लिए आवश्यक अनुमतियों को भी सरल किया जाए। केंद्र सरकार और लक्षद्वीप प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव उपाय करने में लगे हुए हैं।

इंडिया ट्रैवल मार्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय ने कहा कि लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ाने की अभी भी बहुत जरूरत है। उनका कहना है कि देश भर में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने वाली एक प्रदर्शनी में लक्षद्वीप को लेकर सैकड़ों लोग प्रश्न करते हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश लोगों ने बाद में लक्षद्वीप की जगह अंडमान निकोबार द्वीप समूह को चुना। इसका कारण यह है कि देश से लक्षद्वीप जाने के लिए केरल के कोच्चि के अलावा कहीं भी सीधी फ्लाइट नहीं है। वर्तमान में लक्षद्वीप जाने वाले लोग पहले केरल पहुंचते हैं, फिर डेढ़ घंटे की फ्लाइट से कोच्चि जाते हैं। जय कहते हैं कि लक्षद्वीप में सिर्फ एक ही एयरपोर्ट होने से अधिक फ्लाइट भी नहीं उतर सकती हैं। लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, उनका कहना है, देश के विभिन्न भागों से कनेक्टिविटी बनाना सबसे महत्वपूर्ण है।प्रधानमंत्री की अपील के बाद लक्षद्वीप को लेकर उठाए गए सवाल से अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में पर्यटन काफी बढ़ जाएगा। यही कारण है कि पर्यटकों के लिए प्रशासन और केंद्र सरकार को वहाँ की बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करना चाहिए।

टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि लक्षद्वीप पर जाने के लिए अभी भी कुछ विशेष परमिट की आवश्यकता होती है। इनमें से कुछ परमिट को केरल के कोच्चि में ही मंजूरी मिलती है। वह कहते हैं कि पर्यटन को सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न चैनलों और बड़े शहरों में एक विंडो कॉन्सेप्ट होना चाहिए। ताकि पर्यटकों को सरकारी नियमों के अनुसार अनुमति पत्र के लिए बेवजह परेशान नहीं होना पड़े। लक्षद्वीप के कवरत्ती स्थित टूर ऑपरेटर नसीब अली ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि अगर पर्यटकों की संख्या बढ़ती है, तो होटल की सुविधाओं को बढ़ाना होगा। ली ने कहा कि लक्षद्वीप में कोई भी फाइव स्टार होटल नहीं है।इसके अलावा, लक्षद्वीप की देशव्यापी कनेक्टिविटी की लंबे समय से मांग है। वह कहते हैं कि लक्षद्वीप को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की प्रमुख शहरों से जैसे कनेक्ट करना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ाने की अपील की, जिसके बाद प्रशासन और पर्यटन मंत्रालय ने भी पर्यटकों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की योजना बनाना शुरू कर दिया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लक्षद्वीप में ‘देखो अपना देश’ योजना के तहत पर्यटकों की सुविधाएं भी बेहतर हो रही हैं। इसके अलावा, लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जो सुझाव मंत्रालय को मिल रहे हैं, वे भी अमल में लाए जा रहे हैं।केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में लक्षद्वीप को देश के अन्य महत्वपूर्ण हवाई सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, समुद्री तटों पर बसे पश्चिमी राज्यों के प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी भी शिप से आसानी से मिलेगी। वह कहते हैं कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाओं को बढ़ाना, लक्षद्वीप प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक इस सुंदर द्वीप समूह को देख सकें।

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